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मनोहर सरकार ने किसानों के लिए शुरू किया ‘मुख्यमंत्री बागवानी बीमा’ पोर्टल

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डीसी यशेन्द्र सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमन्त्री बागवानी बीमायोजना के तहत किसानों की फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रतिकूल मौसम तथा प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, तापमान, पाला, जल कारक (बाढ, बादल फटना, नहर/ड्रेन का टूटना, जलभराव), आंधी तूफान व आग जो फसल नुकसान का कारण बनते है, को योजना में शामिल किया जा रहा है।

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इस योजना के तहत 21 फसलें शामिल है। जैसे 14 सब्जियां (टमाटर, प्याज, आलू, फूलगोभी, मटर, गाजर, भिण्डी, घीया, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, पतागोभी, मूली), 2 मसालें (हल्दी, लहसुन) और 5 फल (आम, किन्नू, बेर, अमरूद, लीची) शामिल है। डीसी ने बताया कि यह योजना उन सभी किसानों के लिए वैकल्पिक तौर पर होगी जो मेरी फसल मेरा ब्यौरा के तहत पंजीकृत होंगे। योजना के तहत आश्वस्त राशि (सम एश्योरड) सब्जियों व मसालों के लिए रूपये 30,000 रूपए प्रति एकड़ व फलों के लिए रूपये 40,000 रूपए प्रति एकड़ होगी तथा किसान का योगदान/हिस्सा आश्वस्त राशि का केवल 2.5 प्रतिशत होगा जोकि सब्जियों में राशि 750 रूपए व फलों में राशि 1000 रूपए प्रति एकड़ होगी।
 

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चार श्रेणियों में बांटा गया है मुआवजा :
डीसी यशेन्द्र सिंह ने बताया कि मुआवजा को चार श्रेणी 25, 50, 75 100 में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि 26 प्रतिशत से 50 प्रतिशत के बीच फसल नुकसान की अवस्था में मुआवजा 50 प्रतिशत की दर से सब्जियो/मसालों के लिए 15,000 रूपए व फलों के लिए 20,000 रूपए, 51 प्रतिशत से 75 प्रतिशत के बीच नुकसान की अवस्था में मुआवजा 75 प्रतिशत की दर से सब्जियों/मसालों के लिए 22,500 रुपये व फलों के लिए 30,000 रूपए तथा 75 प्रतिशत से अधिक नुकसान की अवस्था में मुआवजा 100 प्रतिशत की दर से सब्जियों/मसालों के लिए 30,000  रूपए व फलों के लिए 40,000 रूपए दिया जाएगा। मुआवजा राशि सर्वेक्षण पर आधारित होगी। योजना की निगरानी समीक्षा एवं विवादों का समाधान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गठित राज्य स्तर व जिला स्तर की समितियों के माध्यम से किया जाएगा।

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